राहु क्यों बना देता है इंसान को राजा से रंक? अशुभ राहु के लक्षणों को पहचाने और तुरंत करें ये उपाय!
हिंदू ज्योतिष शास्त्र में राहु ग्रह को एक छाया ग्रह माना गया है। यह ग्रह अन्य ग्रहों की तरह भौतिक अस्तित्व नहीं रखता, लेकिन इसकी शक्ति और प्रभाव इतने गहरे होते हैं कि यह व्यक्ति के जीवन को पल भर में बदल सकता है। राहु को मायाजाल, भ्रम, अचानक परिवर्तन, लोभ, लालच और मानसिक अस्थिरता का कारक माना गया है। यह ग्रह व्यक्ति को राजा से रंक और रंक से राजा तक बना सकता है।
आइए विस्तार से समझते हैं कि राहु का अशुभ प्रभाव जीवन में किस तरह उथल-पुथल मचाता है और इससे बचने के लिए कौन-कौन से ज्योतिषीय उपाय करने चाहिए! आज ओमांश एस्ट्रोलॉजी राहु के अशुभ प्रभावों के कारण व्यक्ति पर क्या असर होता है! इससे जुड़ी जानकारी लेकर प्रस्तुत है, तो आइए जानते हैं राहु खराब हो जाए तो कैसे व्यक्ति प्रभावित होता है और साथ ही जानेंगे अदभुत उपाय और कौन सी खास सावधानी व्यक्ति को बरतनी चाहिए!
राहु को छाया ग्रह कहा गया है क्योंकि यह चंद्र और सूर्य की परिक्रमा पथ पर स्थित बिंदु है! यह इंसान की वासनाओं, इच्छाओं, भौतिक सुख-सुविधाओं और अचानक होने वाले घटनाक्रमों को प्रभावित करता है!राहु जब शुभ फल देता है तो इंसान को अचानक प्रसिद्धि, धन, सत्ता और नाम दिला देता है! वहीं जब राहु अशुभ होता है तो व्यक्ति को भ्रम, धोखा, आर्थिक नुकसान और मानसिक कष्ट का सामना करना पड़ता है!
#राहु अशुभ होने पर जीवन में दिखाई देने वाले लक्षण;
*व्यक्ति का ध्यान गलत कार्यों की ओर जाने लगता है!
*जीवन में अचानक बड़े-बड़े नुकसान होते हैं!
*व्यक्ति के रिश्तों में कलह और अविश्वास पैदा होता है!
*नौकरी या व्यापार में बार-बार रुकावटें आती हैं!
*नींद न आना, मानसिक तनाव, अवसाद या नशे की आदतें लग सकती हैं!
*बार-बार कानूनी झंझट या कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगते हैं!
*जीवन में अचानक राजा से रंक या रंक से राजा जैसी स्थिति बनती है!
* धन का लगातार नुकसान होता हैं !
* व्यक्ति को क्रोध अधिक आता है!
#राहु क्यों बना देता है इंसान को राजा से रंक?
राहु को माया और छल का ग्रह कहा जाता है। यह इंसान को भ्रम की स्थिति में डाल देता है! जब तक राहु की दशा अनुकूल रहती है, तब तक व्यक्ति को अपार सुख, शोहरत और धन मिलता है!लेकिन जैसे ही राहु प्रतिकूल होता है, यह सब कुछ पल भर में छीन लेता है! राहु इंसान को लालच और अहंकार की ओर ले जाता है! जब व्यक्ति सही मार्ग छोड़कर गलत कामों में लिप्त होता है, तब राहु अपने अशुभ प्रभाव से उसे दंड देता है! राहु की अशुभ दशा में व्यक्ति के निर्णय गलत साबित होते हैं, और जीवन में नुकसान झेलना पड़ता है!
यही कारण है कि राहु इंसान को कभी शिखर तक और कभी जमीन पर ला देता है!
ज्योतिष के अनुसार राहु की स्थिति अलग-अलग भावों में अलग-अलग फल देती है:
*प्रथम भाव में राहु → व्यक्ति को आत्ममुग्ध, अहंकारी और भ्रमित करता है!
*चतुर्थ भाव में राहु → घर-परिवार और मानसिक शांति में बाधा डालता है!
*सप्तम भाव में राहु → दांपत्य जीवन और साझेदारी में धोखा या विवाद लाता है!
*अष्टम भाव में राहु → दुर्घटना, अचानक हानि और रहस्यमय कष्ट देता है!
*दशम भाव में राहु → करियर में उतार-चढ़ाव, अनैतिक मार्ग से सफलता और बाद में पतन!
#राहु को अशुभ से शुभ बनाने के अचूक उपाय:
अगर आपकी कुंडली में राहु अशुभ प्रभाव दे रहा है, तो आप निम्नलिखित ज्योतिषीय उपाय कर सकते हैं:
*प्रतिदिन “ॐ रां राहवे नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें!
*शनिवार और बुधवार को विशेष रूप से यह मंत्र जाप लाभकारी होता है!
#राहु को शांत करने के लिए नाग देवता की पूजा करें!
#श्री गणेश की उपासना से भी राहु का दोष काफी हद तक कम हो जाता है!
#राहु से संबंधित वस्तुएँ जैसे काला तिल, काली उड़द, नीला कपड़ा, सरसों का तेल और नारियल दान करें!
*गरीब और जरूरतमंद को छाता, कंबल या जूते दान करना भी शुभ माना गया है!
*ज्योतिषाचार्य की सलाह से गोमेद (हैसोनाइट) रत्न धारण करें!
*यह रत्न राहु की अशुभ ऊर्जा को संतुलित करता है और जीवन में स्थिरता लाता है!
*झूठ बोलने, छल-कपट और गलत मार्ग से कमाई करने से बचें!
*नशे और असंयमित जीवनशैली से दूरी बनाएँ!
*सदैव सच बोलें और धर्म के मार्ग पर चलें!
#मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें!
#पीपल के पेड़ में जल चढ़ाएँ और 7 बार परिक्रमा करें!
#राहु की दशा में काल भैरव की उपासना भी अत्यंत फलदायी होती है!
#बुधवार और शनिवार चाय पत्ती का दान अवश्य करें!
राहु ग्रह जीवन में अचानक बदलाव लाता है! अगर यह शुभ हो तो इंसान को उन्नति और सम्मान दिलाता है, लेकिन अशुभ होने पर व्यक्ति को राजा से रंक बना सकता है! इसलिए यह आवश्यक है कि राहु को शां
त करने के लिए समय-समय पर उचित उपाय करें, धार्मिक आचरण अपनाएँ और सकारात्मक जीवनशैली जिएँ!