Shani Amavasya 2025

Shani Amavsya 2025: शनि अमावस्या 2025 में कब है, बचकर रहे इन कार्यों से

शनि अमावस्या, अर्थात शनिवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या, हिंदू धर्म में एक विशेष महत्व रखती है। यह दिन शनिदेव की उपासना, पितृ तर्पण और शनि दोष निवारण के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। आज ओमांश एस्ट्रोलॉजी अपने इस लेख में शनि अमावस्या 2025 से जुड़ी जानकारी लेकर प्रस्तुत है|

शनि अमावस्या 2025 का विशेष महत्व है, विशेषकर 29 मार्च को, भी जब शनि का राशि परिवर्तन और सूर्य ग्रहण भी होगा।

शनि अमावस्या के दौरान सूर्य ग्रहण का प्रभाव:

29 मार्च 2025 को शनि अमावस्या के साथ सूर्य ग्रहण भी होगा। यह संयोग अत्यंत दुर्लभ है|
29 मार्च 2025 को आंशिक सूर्य ग्रहण होगा, जो दोपहर 2:20 बजे से शाम 6:13 बजे तक रहेगा। यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहाँ सूतक काल मान्य नहीं होगा। यह ग्रहण कनाडा, पुर्तगाल, स्पेन, आयरलैंड, फ्रांस, यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी, नॉर्वे, फिनलैंड और रूस में देखा जा सकेगा।
इसका ज्योतिषीय प्रभाव महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन विशेष सावधानी बरतनी चाहिए|

इस दिन किए गए उपायों से शनि की साढ़ेसाती हो या पितृ दोष हो ओर साथ ही कुंडली में चल रहे अशुभ प्रभाव भी दूर होते है
वर्ष 2025 में, शनि अमावस्या दो बार आएगी|

शनि अमावस्या 2025 की तिथियां:

पहली 29 मार्च को और दूसरी 23 अगस्त को।

1. 29 मार्च 2025 (शनिवार): इस दिन शनि अमावस्या के साथ-साथ शनि का राशि परिवर्तन और सूर्य ग्रहण भी होगा, जो इस तिथि को और भी महत्वपूर्ण बनाता है।

2. 23 अगस्त 2025 (शनिवार): यह दिन भी शनि अमावस्या के रूप में मनाया जाएगा।

शनिवार को पड़ने वाली अमावस्या को शनि अमावस्या कहा जाता है। इस दिन शनिदेव की विशेष पूजा-अर्चना करने से शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभाव को कम किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, इस दिन पितृ तर्पण करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।

शनि अमावस्या पर किए जाने वाले उपाय:

1. शनिदेव की पूजा:
प्रातः काल स्नान के बाद शनिदेव की प्रतिमा या चित्र के सामने सरसों का तेल, काले तिल, नीले या काले फूल अर्पित करें।
– शनि चालीसा, शनि स्तोत्र या शनि मंत्र का जाप करें।
– शनि आरती करें और प्रसाद वितरण करें।

2. पीपल वृक्ष की पूजा:
पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
पीपल वृक्ष की परिक्रमा करें और जल अर्पित करें।

3. दान-पुण्य:
काले तिल, काले वस्त्र, लोहे के बर्तन, सरसों का तेल, काले उड़द आदि का दान करें। गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन कराएं।

4. हनुमान जी की पूजा:
हनुमान जी की आराधना करने से शनि के दुष्प्रभाव कम होते हैं।
हनुमान चालीसा का पाठ करें और सिंदूर व चमेली का तेल अर्पित करें।

5. पितृ तर्पण:
– पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण करें।
गायत्री मंत्र या पितृ स्तोत्र का पाठ करें।

शनि के राशि परिवर्तन का प्रभाव:

29 मार्च 2025 को शनि मकर राशि से कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। यह गोचर विभिन्न राशियों पर भिन्न-भिन्न प्रभाव डालेगा:

– मेष, सिंह, और धनु राशि: शनि की साढ़ेसाती का समापन होगा, जिससे राहत मिलेगी।

– वृषभ और कन्या राशि:
शनि की ढैय्या समाप्त होगी, जिससे जीवन में स्थिरता आएगी।

– मिथुन, तुला, और मकर राशि:
शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण शुरू होगा, जिससे चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

– कर्क और वृश्चिक राशि:
शनि की ढैय्या शुरू होगी, जिससे सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

– कुंभ राशि:
शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण शुरू होगा, जिससे धीरे-धीरे समस्याओं में कमी आएगी।

– मीन राशि:
शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू होगा, जिससे जीवन में नई चुनौतियाँ आ सकती हैं।

शनि दोष निवारण के अन्य उपाय:

– शनि मंत्र का जाप: “ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें।

– नीलम रत्न धारण: ज्योतिषाचार्य की सलाह से नीलम रत्न धारण करें।

– श्रम और सेवा: श्रमजीवी और जरूरतमंद लोगों की सहायता करें।

– सदाचार का पालन: सत्य, अहिंसा, और धर्म का पालन करें।

Related posts:

होलिका दहन 2025 की रात करे ये चमत्कारी टोटके, पलट जाएगी किस्मत

Guru purnima 2024: ये उपाय करना ना भूले, इसको करने से सफलता चूमती है आपके कदम

Leo Horoscope:"सिंह राशि मासिक राशिफल जून 2025"

Vrishabh rashi october 2025 rashifal: वृषभ राशि अक्टूबर मासिक राशिफल विस्तृत जानकारी!

हर सोमवार करें ये 3 चमत्कारी उपाय! महादेव होते हैं प्रसन्न! संकटों से रक्षा और धन प्राप्ति उपाय! 

Bhagyashali kanyaye: कौन से मूलांक में जन्मी कन्याएँ होती हैं सबसे भाग्यशाली? जानिए अंक ज्योतिष का य...

शुक्र का चमत्कारी रत्न ! यदि नहीं पहन सकते हीरा तो धारण करें शुक्र का ये रत्न! देगा बेहिसाब धन!

पूर्णिमा की रात जब माँ लक्ष्मी धरती पर उतरीं ! लेकिन कोई उन्हें पहचान न पाया! फिर ऐसा हुआ...!

शनि कमज़ोर होने के लक्षण और शनि के उपाय

राहु–केतु के अशुभ प्रभाव दूर करता हैं तुलसी का एक पत्ता! तुलसी का पत्ता क्यों है इतना असरदार?

कर्क राशि अक्टूबर 2025: नौकरी, व्यवसाय और पैसों को लेकर बड़ी भविष्यवाणी!

Govardhan Pooja 2025: गोवर्धन पूजा 2025 में कब है? जानिए गोवर्धन पूजा 2025 की सही तिथि, शुभ मुहूर्त ...