प्रचुर धन और समृद्धि प्राप्ति का महा-उपाय! पैसों की तंगी होगी छूमंतर!
,मैं ओमांश एस्ट्रोलॉजी से आचार्य उर्वशी।
आज के इस भौतिक युग में, पैसों की तंगी सबसे बड़ी कमजोरी बन गई है। अगर आपका व्यापार ठीक से नहीं चल रहा, नौकरी में प्रमोशन नहीं मिल रहा, या आप लगातार बढ़ते कर्ज से परेशान हैं—तो इसका अर्थ है कि आपकी कुंडली का छठा भाव सक्रिय हो गया है।
जब धन की कमी होती है, तो व्यक्ति अपना आत्मविश्वास खोने लगता है और घर में क्लेश व तनाव का माहौल बन जाता है। लेकिन, ज्योतिष में इसके कुछ विशेष उपाय हैं जो आपकी दरिद्रता को दूर कर सकते हैं।
✨ पूर्णिमा के अचूक उपाय ✨
1. माँ लक्ष्मी और पीपल देव का पूजन:
पूर्णिमा की सुबह स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पीपल के वृक्ष पर एक लोटा जल अर्पित करें।
वहीं खड़े होकर ‘ॐ श्रीं श्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करें।
इस उपाय से माँ लक्ष्मी प्रसन्न होकर आपके घर में स्थायी रूप से निवास करती हैं।
2. धन को आकर्षित करने वाली पोटली:
एक छोटा लाल रंग का कपड़ा लें और उसमें 21 अखंडित (बिना टूटे) चावल के दाने रखें।
इस पोटली को पूर्णिमा की रात, चाँद की रोशनी में एक लोटा जल के साथ रख दें।
अगले दिन इस पोटली को अपने पर्स या तिजोरी के किसी कोने में छुपाकर रख दें।
लोटे के जल को घर में छिड़कें और बाकी का जल किसी पौधे में डाल दें।
इन उपायों को करने से आपका चंद्रमा बलवान होगा, जिससे धन आपकी ओर चुंबक की तरह खिंचा चला आएगा और आपके कारोबार में निरंतर प्रगति होगी।











